Benefits of Spirulina-स्पिरुलिना के लाभ

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Benefits of Spirulina-स्पिरुलिना के लाभ

कई ऐसी औषधीय गुणों वाली वनस्पति मौजूद हैं, जिनका इस्तेमाल हमारे स्वास्थ्य को कई तरीके से लाभ पहुंचा सकता है। इन्हीं में से एक है, स्पिरुलिना। यह एक एल्गी यानी पानी में पाई जानी वाली वनस्पति है, यह नाम आपके लिए नया हो सकता है, परन्तु इसका इस्तेमाल सालों से एक कारगर आयुर्वेदिक औषधि के रूप में होता रहा है।  यहां हम आपको इसी स्पिरुलिना के बारे में बताएंगे। आपको स्पिरुलिना के फायदे और इससे संबंधित अन्य जरूरी बातों की जानकारी मिलेगी।
आइए, पहले जान लेते हैं कि आखिर स्पिरुलिना क्या है। इसके बाद हम स्पिरुलिना के फायदे के बारे में बात करेंगे
Effects of Spirulina in Hindi
स्पिरुलिना क्‍या है – What is Spirulina in Hindi
स्पिरुलिना जल(समुद्र) में पाई जाने वाली वनस्पति (एल्गी) है। यह ताजे पानी में पायी जाती है। इसे हरी-नीली एल्गी के नाम से भी जाना जाता है। यह अपने पोषक तत्वों  की वजह से काफी प्रयोग में लाई जाती है। इस नीले-हरे शैवाल में एक तीव्र स्वाद और गंध होती है, जो आपको कई  लाभ पहुंचा सकता है। 
स्पिरुलिना के लाभ  – Benefits of Spirulina in Hindi
1. कैंसर से बचाव में सहायक 
Cancer
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स्पिरुलिना में फाइकोसाइनिन (Phycocyanin) नामक यौगिक पाया जाता है।रीसर्च के मुताबिक, फाइकोसाइनिन में कैंसर की दवा के रूप में काम करने की क्षमता है। इसलिए, यह एंटी कैंसर दवा या एंटी कैंसर ड्रग के सप्लीमेंट के रूप में काम कर सकता है ।  स्पिरुलिना हमारे शरीर में कीमोप्रिवेंटिव (chemopreventive) की तरह भी काम करती है, जो कैंसर सेल्स को बढ़ने नहीं देती  
2. वजन घटाने में सहायक
स्पिरुलिना में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट गुण पेट के बीच में जमा होने वाले फैट को कम कर सकता है और लीवर में लिपिड (Fat) के जमाव और ऑक्सिडेटिव स्ट्रेस को रोकता है, जिसके परिणामस्वरूप शरीर का वजन कम होने लगता है। हालांकि, इसको लेकर अभी और शोध की आवश्यकता है।
3. डायबिटिज को नियन्त्रित रखने में सहायक 

स्पिरुलिना के सेवन से रक्त शर्करा और ट्राइग्लिसराइड (वसा) के स्तर में कमी आती है, जिससे टाइप 2 मधुमेह वाले रोगियों के डायबिटिज को नियंत्रित किया जा सकता है। इसके अलावा, स्पिरूलीना में पाया जाने वाला फाइकोसाइनिन (Phycocyanin) में एंटीडायबिटिक गुण पाए जाते हैं। ये टाइप 2 डायबिटीज के रोगियों के लिपिड प्रोफाइल को बेहतर बनाने में प्रभावी पाया गया है 
4. ह्रदय को स्वस्थ रखने में सहायक 
The heart
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उच्च रक्तचाप और कोलेस्ट्रॉल का स्तर दोनों ही ह्रदय स्वास्थ्य से जुड़े हुए हैं। उच्च रक्तचाप और कोलेस्ट्रोल दोनों हार्ट अटैक और अन्य ह्रदय संबंधी समस्या परेशानी उत्पन्न होती है । स्पिरूलिना इन दोनों जोखिम कारकों को कम कर सकता है। इसलिए,स्पिरूलिना ह्रदय रोग के लिए फायदेमंद हो सकता है।
5. मस्तिष्क स्वास्थ्य
स्पिरुलिना के फायदे में मस्तिष्क स्वास्थ्य भी शामिल है। यह दिमाग में Aβ प्रोटीन के संचय को कम करता है और कम हो रही याददाश्त को भी रोकता है। स्पिरूलिना मस्तिष्क में सूजन को भी कम करने में सहायक माना गया है। इसलिए, यह पार्किंसंस रोग (केंद्रीय तंत्रिका तंत्र का एक विकार जो दिमाग में होने वाली हरकत को प्रभावित करता है) के उपचार में भी सहायक हो सकता है। स्पिरूलिना नए न्यूरॉन्स बनाकर न्यूरोनल घनत्व में भी सुधार करता है, जिससे मस्तिष्क स्वास्थ्य बना रहता है। 
6. इम्यून सिस्टम
पोषक तत्वों की कमी की वजह से शरीर के प्रतिरक्षा यानी इम्यूनिटी में कमी आती है। अध्ययनों के मुताबिक, स्पिरुलिना में मौजूद पोषक तत्व पोषण संबंधी कमियों को दूर कर इम्यूनिटी में सुधार कर सकते हैं। इम्यूनिटी में होने वाले बदलाव की वजह से टी-कोशिकाओं के उत्पादन में होने वाले परिवर्तन को रोकने में स्पिरुलिना सहायक है,  टी-कोशिका एक प्रमुख लसीकाणु (लिम्फोसाइट) यानी एक प्रकार की श्वेत रक्त कोशिका है, जिसका सीधा संबंध इम्यून सिस्टम से है।
7. एनीमिया

Anemia
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एनीमिया का मतलब रक्त में हीमोग्लोबिन या लाल रक्त कोशिकाओं में कमी होना है। एनीमिया की वजह से लंबे समय तक तक कमजोरी और थकान का एहसास शरीर में रहता है । स्पिरुलिना में मौजूद आयरन और फोलेट की वजह से इसका सप्लीमेंट लेने से लाल रक्त कोशिकाओं के हीमोग्लोबिन मात्रा में बढ़ोत्तरी होती है और इम्यून सिस्टम भी बढ़ता है।
8. पाचन 
स्पिरुलिना स्वस्थ पाचन को बढ़ावा देने का काम कर सकता है। स्पिरुलिना में भरपूर मात्रा में अमीनो एसिड और प्रोटीन होता है । इन तत्वों की मदद से शरीर में मौजूद खाना अच्छे से पचता है।
9. सूजन व गठिया से बचाव 
स्पिरुलिना का मुख्य घटक फाइकोसाइनिन (phycocyanin) है, जो एंटीइंफ्लेमेटरी गुणों से समृद्ध होता है। इसलिए, कहा जा सकता है कि स्पिरुलिना शरीर में इंफ्लेमेशन को रोकने व नियंत्रित करने में एक अहम भूमिका निभा सकता है । हालांकि, इंफ्लामेशन पर इसके बेहतर प्रभाव जानने के लिए अभी और शोध की आवश्यकता है । स्पिरुलिना में मौजूद एंटी इंफ्लामेशन गुण गठिया रोग में उपचार में भी सहायक होते हैं ।
10. एचआईवी
स्पिरुलिना के फायदे बताते हुए ऊपर लेख में हम जिक्र कर चुके हैं कि ये इम्यूनिटी को बढ़ाता है। ऐसे में ये एचआईवी के मरीज जिनकी इम्यूनिटी काफी कमजोर हो गई है, उनकी प्रतिरक्षा प्रणाली को ठीक करने में मदद कर सकता है। साथ ही इसके बढ़ते इंफेक्शन की गति को धीमा भी कर सकता है । दरअसल, स्पिरुलिना का अर्क स्पिरुलिन कैल्शियम की मदद से एचआईवी वायरस के रेप्लिकेशन (एक से ज्यादा बनने की प्रक्रिया) को बाधित करता है 
11. आर्सेनिक विषाक्तता से बचाव
आर्सेनिक एक ऐसा एलिमेंट है, जो धरती के नीचे, पानी, हवा सब जगह पाया जाता है, लेकिन इसमें न तो गंध होती है और न ही कोई स्वाद । अगर इसकी मात्रा शरीर में ज्यादा हो जाती है, तो विषाक्तता यानी पॉइजनिंग होने लगती है। यहां स्पिरुलिना शरीर को आर्सेनिक से बचाने में भी मदद कर सकता है। स्पिरुलिना में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और इम्यूनिटी प्रभाव आर्सेनिक उपधातु को शरीर में जमने से रोकते हैं ।
12. कैंडिडा फंगस के इलाज में

In the treatment of Candida
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स्पिरुलिना के फायदे कई हैं। इसमें मौजूद पोषक तत्व आपको कैंडिडा से भी बचा सकते हैं। दरअसल, कैंडिडा एक फंगस है, जो शरीर के साथ ही लगभग हर जगह मौजूद रहता है। यह इम्यून सिस्टम कमजोर होने पर संक्रमण की तरह शरीर में फैलने लगता है। स्पिरुलिना में एंटीफंगल गुण होते हैं, जो कैंडिडा होने के खतरे को कम करने में सहायक साबित हो सकते हैं।

13. आंखों की रोशनी बढ़ाने में सहायक
स्पिरुलिना के फायदे में आंखों की रोशनी बढ़ाना भी शामिल है। दरअसल, स्पिरुलिना में बीटा-कैरोटीन होता है,जो शरीर में विटामिन-ए के रूप में परिवर्तित हो जाता है । विटामिन-ए आंखों की रोशनी सुधारने के साथ ही कम रोशनी में साफ देखने की क्षमता को भी बढ़ावा देता है।
14. मुहांसे के लिए
स्पिरुलिना के फायदे यकीकन अनेक हैं। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट त्वचा के विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने का काम कर सकता, जिससे नई त्वचा कोशिकाओं के विकास को बढ़ावा मिल सकता है। एक शोध के मुताबिक, स्पिरुलिना में मौजूद सी-फाइकोसाइनिन मुहांसों को रोकने में मदद कर सकता है।
15. स्किन एजिंग
स्पिरुलिना में टायरोसिन, विटामिन-ई (टोकोफेरोल) और सेलेनियम होते हैं, ये सभी तत्व चेहरे के एजिंग प्रभावों को खत्म करने लिए जाने जाते हैं। टायरोसिन त्वचा की कोशिकाओं की उम्र बढ़ने की गति को धीमा करते हैं। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट त्वचा पर झुर्रियों का कारण बनने वाले फ्री रेडिकल्स को खत्म करते हैं। आप पानी की मदद से स्पिरुलिना पेस्ट चेहरे की झुर्रियों के लिए कर सकते हैं।
16. बालों के लिए

For hair
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बालों का बढ़ना एकदम से रुकने की वजह शरीर में जरूरी पोषक तत्वों की कमी भी होती है । इसलिए, पोषक तत्वों का खजाना स्पिरुलिना बालों की ग्रोथ के लिए लाभदायक माना जाता है। इसमें बालों के लिए आवश्यक पोषक तत्व मौजूद हैं। इसमें पाए जाने वाले प्रोटीन, फैटी एसिड और आयरन की सहायता से झड़ते बालों को रोककर आप घने बाल पा सकते हैं।
स्पिरुलिना के पौष्टिक तत्व – Spirulina Nutritional Value in Hindi
स्पिरुलिना में पोषक तत्व भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं, जिसके फलस्वरूप यह शरीर को अनेक स्वास्थ्य लाभ पहुंचाता है। चलिए, स्पिरुलिना में पाए जाने वाले सभी पोषक तत्वों पर एक नजर डाल लेते हैं।

  • पोषक तत्व मात्रा प्रति 100 ग्राम
  • जल 4.68g
  • ऊर्जा 290kcal
  • प्रोटीन 57.47g
  • कुल फैट 7.72g
  • कार्बोहाइड्रेट 23.90g
  • फाइबर 3.6g
  • शुगर 3.10g
  • मिनरल्स
  • कैल्शियम 120mg
  • आयरन 28.50mg
  • मैग्नीशियम 195mg
  • फास्फोरस, पी 118mg
  • पोटैशियम, के 1363mg
  • सोडियम 1048mg
  • जिंक 2.00mg
  • विटामिन
  • विटामिन सी 10.1mg
  • थायमिन 2.380mg
  • राइबोफ्लेविन 3.670mg
  • नियासिन 12.820 mg
  • विटामिन बी-6 0.364mg
  • फोलेट, डीएफई 94µg
  • विटामिन ए, RAE 29µg
  • विटामिन ए, IU 570IU
  • विटामिन ई, (अल्फा-टोकोफेरॉल) 5.00mg
  • विटामिन के (फाइलोक्विनोन) 25.5µg
  • लिपिड
  • फैटी एसिड, सैचुरेटेड 2.650g
  • फैटी एसिड, कुल मोनोअनसैचुरेटेड 0.675g
  • फैटी एसिड, कुल पॉलीअनसैचुरेटेड 2.080g

स्पिरुलिना का उपयोग – How to Use Spirulina in Hindi

आपका यह जानना जरूरी है कि यह किस रूप में और कहां मिलता है। दरअसल, एल्गी यानी स्पिरुलिना बतौर पाउडर, गोली और कैप्सूल के रूप में बाजार में मिलता है। आप इसे ऑनलाइन भी खरीद सकते हैं। 
इसके सेवन के कुछ सामान्य तरीके-
आप स्पिरुलिना पाउडर की सीमित मात्रा को फलों के जूस में मिलाकर पी सकते हैं।
आप स्पिरुलिना कैप्सूल या पाउडर को खुराक के रूप में ले सकते हैं।
अगर आपको सूखे स्पिरुलिना मिलते हैं, तो आप इन्हें अपने स्नैक्स में बतौर टॉपिंग के रूप में इस्तेमाल कर सकते हैं।
कितना खाना चाहिए : सामान्य तौर पर आहार पूरक के रूप में स्पिरुलिना को प्रति दिन 3 से 4.5 ग्राम तक ही खाना चाहिए। हालांकि, शारीरिक जरूरत के हिसाब से इसकी सटीक मात्रा जानने के लिए डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

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